वे प्रश्न, जो इतिहास ने कभी पूछे ही नहीं
डॉ श्याम लाल निर्मोही की पुस्तकें — मातृसत्ता, पर्व-परम्परा, जाति-व्यवस्था, ऋग्वैदिक असुर और सामाजिक न्याय पर दशकों के मौलिक शोध का संग्रह। Original research by Dr Shyam Lal Nirmohi on matriarchy, festivals, caste, Rigvedic Asuras and social justice.
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क्या पहले ‘मनु’ वास्तव में पिता थे — या मानव जाति की आदि माता?
Was the first Manu really a father — or the mother of humankind?
आदि माता मनु : एक नयी खोज
The First Mother Manu: A New Discovery
वैश्वीकरण की प्रथम नायिका: मानव जाति की जननी माता मनु और प्राचीन त्रिलोक का भूगोल
- वैदिक साक्ष्यों से प्रमाणित: प्रथम 'मनु' पिता नहीं, बल्कि मानव जाति की आदि माता थीं।
- वाल्मीकि रामायण (अरण्य काण्ड १४/२९) का अकाट्य साक्ष्य: कश्यप पत्नी मनु से मनुष्य जाति का उद्भव।
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क्या हमारे पर्व केवल आस्था हैं — या हज़ारों साल पुराने कृषि-कैलेंडर?
Are our festivals only faith — or ancient agricultural calendars?
उत्सवों का समाजशास्त्र
Social Science of Indian Festivals
भारतीय पर्वों एवं त्यौहारों के पीछे छिपे वैज्ञानिक, आर्थिक एवं सामाजिक आधार
- होली : विश्व का प्रथम नववर्षोत्सव एवं शीत रक्षा कवच के रूप में अग्नि का उद्भव।
- दीपावली : वर्षा ऋतु की समाप्ति, नवीन धान भण्डारण और प्राकृतिक कीट नियंत्रण का पर्व।
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लक्ष्मी के साथ उल्लू और गणेश के साथ चूहा क्यों? क्या यह अन्न-भंडार की रक्षा की कथा है?
Why the owl with Lakshmi and the mouse with Ganesh? A story of guarding the harvest?
लक्ष्मी गणेश का आर्थिक समाजशास्त्र
Economical Sociology of Laxmi Ganesh
धान उत्पादिका लक्ष्मी और चूहा संहारक गणेश का ऐतिहासिक व वैज्ञानिक रहस्य
- धान ही धन का पर्याय: अन्न सुरक्षा की प्रथम अधिष्ठात्री के रूप में देवी लक्ष्मी।
- उल्लू का जैविक रहस्य: खलिहानों में रात्रिचर चूहा संहारक रक्षक के रूप में उल्लू का पूजन।
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क्या भारत की सारी जातियों की जड़ें एक ही कृषि-जीवन में हैं?
Do all of India’s castes share one agrarian root?
भारत की जातियां : उद्भव एवं विकास
The Indian Castes: Origin and Development
आदिम कृषक (द्रविड़/असुर) समाज से जातियों और वर्णों की उत्पत्ति का शोध ग्रन्थ
- वैदिक 'ज्ञाति' से 'जाति' का उद्भव: व्यावसायिक श्रम-विभाजन और शिल्प श्रेणियों का इतिहास।
- आदिम कृषक 'विश/कुर्मी' समुदाय से समस्त जातियों का जैविक व व्यावसायिक विकास।
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जिन्हें आज ‘दलित’ कहा जाता है, क्या वे कभी सम्राटों के वंशज थे?
Were those called ‘Dalit’ today once descendants of emperors?
सम्राटों के वंशज दलित
Depressed Class: Descendants of Emperors
उत्तर वैदिक काल में पराजित सम्राटों एवं मूलनिवासी शासकों का ऐतिहासिक शोध
- प्राचीन भारत के दुर्गों, गणराज्यों और नगरों के निर्माता मूलनिवासी सम्राट कुलों का इतिहास।
- उत्तर वैदिक सत्ता संघर्ष में पराजय के बाद राजनीतिक व शैक्षणिक अधिकारों का हरण।
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ऋग्वेद में ‘असुर’ कभी सम्मान का शब्द था — फिर वह गाली कैसे बन गया?
In the Rigveda ‘Asura’ meant honour — how did it become an insult?
ऋग्वैदिक असुर और आर्य
Rigvedic Asur and Aryans
ऋग्वेद के मूल आख्यानों में असुरों की प्रतिष्ठा और ऐतिहासिक यथार्थ
- ऋग्वेद में 'असुर' शब्द का मूल अर्थ: प्राणवान, सर्वशक्तिमान और देवों का स्वामी ('असु' = प्राण)।
- आर्य शरणार्थी आगमन और स्थानीय कृषक असुरों द्वारा उन्हें शरण व बसावट का यथार्थ।
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काला रंग अशुभ है — या ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली रंग?
Is black inauspicious — or the most powerful colour of the cosmos?
कालिया का लोहा
Victory of Black
काले रंग का वैज्ञानिक, भौतिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व और वैश्विक वर्चस्व
- भौतिक विज्ञान व ऊष्मागतिकी: काला पिंड (Black Body) ऊर्जा का सर्वोच्च अवशोषक व संरक्षक।
- विश्व संस्कृतियों में काले देवों (कृष्ण, काली, काबा, अफ्रीकी देव) की सार्वभौमिक उपासना।
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आरक्षण कृपा है — या लोकतंत्र की धुरी?
Is reservation a favour — or the very axis of democracy?
आरक्षण की धुरी पर
On the Axis of Reservation
सामाजिक न्याय, संवैधानिक प्रतिनिधित्व और समानता पर आधारित काव्य संग्रह
- 1990 मण्डल आन्दोलन के ऐतिहासिक क्षण का जीवंत समाजशास्त्रीय व काव्यात्मक दस्तावेजीकरण।
- संवैधानिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के पक्ष में सशक्त जन-कविताएं।
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क्या हम सब ‘काश्यपी’ कहलाते हैं — तो फिर कश्यप कौन थे?
If humankind is called ‘Kashyapi’ — who exactly was Kashyap?
महर्षि कश्यप
Maharshi Kashyap
मानव जाति के आदि पिता और ‘काश्यपी’ सृष्टि की खोज
- महर्षि कश्यप: मानव जाति के आदि पिता, और उनकी पत्नी मनु: मानव जाति की आदि माता।
- सर्वाधिक वंश-विस्तार के कारण कश्यप को ही ‘सृष्टिकर्ता ब्रह्मा’ की उपाधि मिली।
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12 वर्ष के शोध ने हिन्दू संस्कृति के बारे में कौन-से बारह सच उजागर किए?
What twelve truths did twelve years of research reveal about Hindu culture?
हिन्दू संस्कृति के बारह सच
Twelve Truths of Hindu Culture
12 वर्ष की अध्ययन-साधना से निकले हिन्दू संस्कृति के बारह सत्य
- कृषक भारत पर पी-एच.डी. शोध के दौरान प्राचीन साहित्य का वैज्ञानिक विश्लेषण।
- 12 वर्ष की अनवरत अध्ययन-साधना से सामने आए हिन्दू संस्कृति के अनेक सत्यासत्य।
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भगवान एक नहीं — पाँच प्रकार के? और सबसे पहला ‘भगवान’ कौन था?
Not one God but five kinds? And who was the very first ‘God’?
भगवान की अवधारणा
Concept of God: Its Origin and Development
प्राचीन से आधुनिक काल तक पाँच प्रकार के भगवानों की वैज्ञानिक व्याख्या
- प्राचीन काल से आधुनिक काल तक पाँच प्रकार के भगवानों की वैज्ञानिक व्याख्या।
- इसमें मूल भगवान् ‘जैवकीय भगवान्’ (biological being) है।
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महादेवी वर्मा — वेदना की कवयित्री या क्रांति की ज्वाला?
Mahadevi Varma — a poet of sorrow, or a flame of revolution?
आग की देवी महादेवी
Goddess of Fire: Mahadevi
रोने-धोने वाली कवयित्री से अलग, क्रांति की ज्वाला के रूप में महादेवी वर्मा
- एक नयी खोज: महादेवी वर्मा को क्रांति की ज्वाला के रूप में प्रस्तुत करती है।
- ‘रोने-धोने वाली कवयित्री’ की प्रचलित छवि से अलग एक नया पाठ।
कौन-सा प्रश्न आपको सबसे पहले खींचता है?
किसी भी पुस्तक का अध्याय-सार पढ़ें, फिर अपनी प्रति मँगवाएँ। · Read a chapter preview, then order your copy.