समाजशास्त्र, धर्मशास्त्र, इतिहास

धर्म एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई नयी खोज

A new research on socio-science, spirituality, theology, history, religion and the culture of India.

By Dr. Shyam Lal Nirmohi (डॉ श्याम लाल निर्मोही) · 1947 – 2021 🏅 पटेल रत्न सम्मानित (2006) · National & International Speaker

20+पुस्तकें · Books
1भाषा · हिन्दी
300+सम्मेलन · Conferences
50+शहरों में व्याख्यान · Cities


What He Did

समाज वैज्ञानिक चिन्तक, लेखक, कवि

He Spoke.

Dr. Nirmohi was a popular Samaj-Vaigyanik speaker and spoke at more than 300 conferences, seminars, symposiums in more than 50 cities across India, presenting radical sociological discoveries.

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He Wrote.

Dr. Nirmohi was a radical socialist thinker and writer who loved to reveal the hidden truths of society, and his books make you feel connected with our ancient cultural roots.

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He Wrote Poetry.

Dr. Nirmohi was fluent in several languages including Hindi, Hindustani, Bhojpuri, and Sanskrit. Most of his emotions and creativity came out in the form of deep, socially conscious poems.

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विद्वानों के विचार / Testimonials & Endorsements

Reflections from leading academicians and scholars on Dr. Nirmohi’s research

“समकालीन भारतीय समाजवैज्ञानिक क्षेत्र में डा० श्याम लाल सिंह देव ‘निर्मोही’ किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आप समाजशास्त्रीय जगत में अपनी नयी-नयी प्रस्थापनाओं के लिए पहचाने जाते हैं। भारतीय समाजशास्त्र के क्षेत्र में तो आपकी कृतियां अद्भुत देन मानी जायेंगी।”

डॉ० राजनाथ सिंह

एशोसिएट प्रो० समाजशास्त्र, वाराणसी

“अपनी हजारों नयी खोजों के द्वारा आपने भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में क्रान्तिकारी परिवर्तन का सूत्रपात कर दिया है। डॉ. निर्मोही आधुनिक वैज्ञानिक भारत के निर्माण के लिए वैज्ञानिक समाजशास्त्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा दे रहे हैं। आपका लेखन बहुजनों की सत्ता के लिए पाठ्य पुस्तक का कार्य करेगा।”

साहित्य भूषण डॉ. राम कृष्ण राजपूत (डी. लिट.)

निदेशक — अहिच्छत्रा संग्रहालय, फर्रुखाबाद

“डॉ. निर्मोही के शोध ग्रन्थ भारतीय समाजशास्त्र और प्राचीन इतिहास को देखने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। यह शोध बहुजन इतिहास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक मील का पत्थर है।”

डॉ. विवेक कुमार

समाज विज्ञान विभाग, J.N.U. नई दिल्ली

Dr. Shyam Lal Nirmohi
His Story / लेखक का जीवन परिचय

डॉ श्याम लाल निर्मोही

🏅 पटेल रत्न सम्मानित, 2006 — शोध एवं समाज-कल्याण के लिए

डॉ श्याम लाल निर्मोही एक वैज्ञानिक चिन्तक, लेखक, कवि, राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय सेमीनारों/ सम्मेलनों में सौ से अधिक शोधपत्रों का वाचन तथा काव्य पाठ कर चुके हैं।

विभिन्न संस्थाओं द्वारा कलम रत्न, समाज रत्न, शोध रत्न, सरदार पटेल रत्न आदि से सम्मानित। आगरा विश्वविद्यालय के प्रख्यात समाजशास्त्री प्रो. राजेश्वर प्रसाद ने आपको “रेडिकल तथा फायर ब्राण्ड समाजशास्त्री” की संज्ञा दी है।


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डॉ श्याम लाल निर्मोही
🪔 स्मृति शेष · In Memoriam
डॉ श्याम लाल निर्मोही
10 जनवरी 1947 – 5 दिसम्बर 2021

“बचपन से जवानी तक हम समाज से लेते हैं,
झोली भरते जाते हैं, बदले में क्या देते हैं?
कुछ बन जाने के बाद यही फ़र्ज़ हमारा होता है —
जिस समाज ने हमें गढ़ा, उसे लौटाना होता है।”

“Through childhood and youth we only take from society;
once we have become someone, our duty is to give back.”

🪔 उनकी स्मृति में · Remembering Him →